भारत का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) जल्द ही वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। यह जानकारी वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम (एसबीवी) के बीच समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत दोनों देशों के केंद्रीय बैंक पेमेंट सिस्टम और डिजिटल पेमेंट इनोवेशन में सहयोग करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और वियतनाम ने फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत भारत का यूपीआई और फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही लिंक होंगे।”
इसके अलावा, भारत और वियतनाम ने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने कहा, “महत्वपूर्ण खनिजों, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और ऊर्जा सहयोग में नई पहलों के माध्यम से, हम दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती सुनिश्चित करेंगे, क्योंकि दोनों देशों ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के जरिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है।”
यूपीआई वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है, जिससे भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच से प्रेषण में वृद्धि हो रही है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।