राजकरण

अबकी बार, गंगा पार

बंगाल से टीएमसी आउट

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों ने सियासत का नक्शा बदल दिया है। कहीं सुनामी, कहीं सरप्राइज, तो कहीं वापसी की गूंज सुनाई दे रही है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने दमदार जीत दर्ज करते हुए टीएमसी को करारी शिकस्त दी। तमिलनाडु में थलपति विजय की टीवीके ने जादुई जीत के साथ धमाकेदार एंट्री की। असम में हिमंत बिस्वा सरमा ने हैट्रिक लगाई, जबकि केरल में कांग्रेस ने वापसी की। पुडुचेरी में एनडीए ने सत्ता बरकरार रखी।

बात पश्चिम बंगाल की करें तो बीजेपी ने ऐसा प्रदर्शन किया कि ममता बनर्जी की टीएमसी चारों खाने चित हो गई। यह जीत सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की बड़ी पटकथा है। बीजेपी ने जमीनी रणनीति, मजबूत संगठन और आक्रामक प्रचार के दम पर बंगाल की राजनीति का रुख ही बदल दिया। बीजेपी ने बहुमत के आंकड़े 148 को पार करते हुए 206 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 81 सीटों पर सिमट गई।

वोट शेयर में भी बीजेपी ने 45% से अधिक के साथ बढ़त बनाई, जो पिछले चुनाव के मुकाबले बड़ा उछाल है। इस चुनाव में कांग्रेस के खाते में 2 सीटें आईं, वहीं हुमायूं कबीर की पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ को भी 2 सीटें मिलीं। दो सीटें अन्य के खाते में गईं।

सोमवार को बंगाल की 293 सीटों के नतीजे घोषित हुए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से बीजेपी के राज्य प्रमुख शुभेंदु अधिकारी से हार गईं। शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 वोटों से हराया। यह ममता बनर्जी की उनके खिलाफ लगातार दूसरी हार है। इससे पहले 2021 विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से उन्हें हराया था।

बता दें कि बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। एक सीट, फालता, पर 21 मई को दोबारा मतदान होना है। रात एक बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 विधानसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 45.84% रहा, जो टीएमसी के 40.80% से करीब 5% ज्यादा है। हालांकि सीटों में दोनों पार्टियों के बीच करीब 125 का अंतर देखने को मिला।

उधर, बंगाल में बीजेपी की इस अभूतपूर्व जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को पार्टी मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान वह बंगाली धोती-कुर्ता पहने नजर आए। पीएम मोदी को अक्सर अपने पहनावे के जरिए राजनीतिक संदेश देने के लिए जाना जाता है।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “आज का दिन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। जब वर्षों की साधना सिद्धि में बदलती है, तो जो खुशी चेहरे पर होती है, वह आज देशभर के बीजेपी कार्यकर्ताओं के चेहरे पर साफ नजर आ रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “एक कार्यकर्ता होने के नाते मैं बीजेपी के हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं। यह दिन कई मायनों में खास है। यह देश के उज्ज्वल भविष्य की उद्घोषणा का दिन है। यह भरोसे का दिन है—भारत के लोकतंत्र पर भरोसा, परफॉर्मेंस की राजनीति पर भरोसा, स्थिरता के संकल्प पर भरोसा और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर भरोसा।”