पश्चिम बंगाल में 15
साल के तृणमूल कांग्रेस शासन का अंत कर
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने
के साथ ही उन केंद्र प्रायोजित योजनाओं को
लेकर अनिश्चितता खत्म हो गई है, जिन्हें अब
तक राज्य प्रशासन और निवर्तमान मुख्यमंत्री
ममता बनर्जी द्वारा लागू नहीं किया गया था।
अब, जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी
रैलियों में वादा किया था, इन योजनाओं को पूरी
तरह लागू किया जाएगा। इनमें सबसे प्रमुख
स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत योजना
है। अब तक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली
कैबिनेट ने इस योजना को लागू नहीं होने दिया,
क्योंकि राज्य में पहले से ही ‘स्वास्थ्य साथी’
नामक अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना संचालित
थी।
जहां आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्तर पर लागू
योजना है, वहीं ‘स्वास्थ्य साथी’ की सीमाएं
केवल पश्चिम बंगाल तक थीं।
इसके अलावा कई अन्य केंद्र प्रायोजित
योजनाएं भी हैं, जिन्हें प्रशासनिक कारणों से पूरी
तरह लागू नहीं किया गया था, जैसे प्रधानमंत्री
आवास योजना, जल जीवनमिशन, मातृशक्ति
भरोसा, युवा शक्ति भरोसा आदि। अब इन
योजनाओं के लागू होने की संभावना है।
जल जीवन मिशन: इस योजना के तहत हर
घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने का लक्ष्य
है। 2019-20 से 2023-24 के बीच राज्य
को मिले 24,645 करोड़ रुपये में से केवल
53 प्रतिशत राशि ही उपयोग की गई। प्रस्ताव
और दस्तावेजों में देरी इसके प्रमुख कारण रहे।
अब ‘डबल इंजन’ सरकार के तहत लोगों को
इस योजना का पूरा लाभ मिलने की उम्मीद है।
तृणमूल सरकार भी हर घर तक पाइपलाइन से
पानी पहुंचाने का दावा करती रही, लेकिन केंद्र
की योजना लागू होने से दायरा और बढ़ सकता
है।
प्रधानमंत्री आवास योजना: इस योजना के
तहत केंद्र सरकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों
को घर बनाने के लिए सहायता देती है। राज्य में
इसका समानांतर प्रोजेक्ट ‘बांग्लार बाड़ी’ नाम
से चल रहा था। अब केंद्र की योजना लागू होने
से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद
है, खासकर वे जो अब तक वंचित रह गए थे।
दोनों योजनाएं साथ चलती हैं तो लाभार्थियों की
संख्या और बढ़ सकती है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: इस योजना
के लागू होने से मछुआरों को वित्तीय सहायता,
बीमा और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए
जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र की
योजना लागू होने से ज्यादा मछुआरों को लाभ
मिल सकेगा।
युवा शक्ति भरोसा: इस योजना के तहत
केंद्र सरकार बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर
बनाने के लिए हर महीने 3,000 रुपये देने की
घोषणा कर चुकी है। हालांकि इसके लिए कुछ
शर्तें निर्धारित हैं। राज्य सरकार ने अप्रैल में
‘युवाश्री’ योजना शुरू की थी, जिसमें 1,500
रुपये मासिक देने का प्रावधान था। केंद्र की
योजना लागू होने पर युवाओं को सीधे उनके
बैंक खाते में 3,000 रुपये मिलेंगे।
मातृशक्ति भरोसा: केंद्र सरकार की इस
योजना के तहत निश्चित आय वर्ग की महिलाओं
को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे। तृणमूल
सरकार पिछले पांच वर्षों से ‘लक्ष्मी भंडार’
योजना चला रही थी, जिसके तहत महिलाओं
को 1,500 रुपये प्रति माह मिलते थे। यह राज्य
की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक रही है।
केंद्र की योजना लागू होने पर यह राशि दोगुनी
हो सकती है।
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया
(पीएम श्री): पश्चिम बंगाल में इसके समकक्ष
‘कन्याश्री’ योजना है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर
पर भी सम्मान मिला है। इसके तहत राज्य की
लड़कियों को कक्षा 1 से 12 तक और आगे
कॉलेज-विश्वविद्यालय स्तर तक मुफ्त शिक्षा
मिलती है। साथ ही 25,000 रुपये की एकमुश्त
सहायता भी दी जाती है। अब पीएम श्री योजना
लागू होने से छात्राओं को और अधिक आर्थिक
सहायता मिलने की संभावना है।