हंतावायरस बीमारी ने हाल ही में पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. एक क्रूज जहाज पर हंतावायरस का संक्रमण मिला है जिसमें 149 यात्री थे और उनमें भारत के दो क्रू सदस्य भी शामिल हैं. इस खबर से लोगों में डर फैल गया कि क्या भारत में भी महामारी आ जाएगी. लेकिन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी ICMR ने कहा है कि घबराने की कोई बात नहीं है. हंता वायरस चूहों से फैलता है इंसान से इंसान में नहीं. भारत में ये सिर्फ आयातित मामले हैं यानी बाहर से आए हैं. भारत में इसका कोई फैलाव नहीं है. महामारी का कोई खतरा नहीं है. ICMR-NIV पुणे के निदेशक डॉ नवीन कुमार ने कहा कि ये कोरोना वायरस जैसा नहीं है. कोरोना वायरस इंसान से इंसान को सांस के जरिए फैलता था. लेकिन हंतावायरस इंसान से इंसान को नहीं फैलता. बस कुछ दक्षिण अमेरिकी वायरस जैसे एंडीज वायरस बहुत ही कम मामलों में इंसान से इंसान को फैलते हैं. लेकिन एशिया और यूरोप में पाए जाने वाले हंता वायरस बिल्कुल इंसान से इंसान को नहीं फैलते.
अब उसके यात्री दुनिया के 12-13 देशों में जा चुके हैं. यह वायरस चूहों से फैलता है. इस बार इंसान से इंसान में भी फैलने लगा है. यह एंडीज स्ट्रेन है जो खांसने-छींकने, किस करने या एक ग्लास से पीने से भी फैल सकता है. अब तक 5 लोगों में इसकी पुष्टि हो चुकी है. तीन की मौत हो गई है. 24 अप्रैल को शिप सेंट हेलेना द्वीप पर रुकी जहां 29 यात्री उतरे. इनमें से एक की लाश भी थी. उस समय किसी को नहीं पता था कि ये लोग हंतावायरस से संक्रमित हो सकते हैं.
भारत में क्या खतरा है?
ICMR के निदेशक डॉक्टर नवीन कुमार ने कहा है कि भारत में कोई खतरा नहीं है. पहली बात, भारत के जो दो क्रू सदस्य संक्रमित हैं वो बाहर से आए मामले हैं. इसका मतलब है कि भारत में यह बीमारी अपने आप से नहीं फैल रही. दूसरी बात, हंता वायरस को फैलने के लिए चूहों की जरूरत होती है. और चूहों के साथ सीधे संपर्क. घर में बैठा कोई इंसान दूसरे से संक्रमित नहीं हो सकता. तीसरी बात, अगर कोई इंसान संक्रमित भी हो जाए तो लक्षण दिख जाते हैं. फिर डॉक्टर से मिल सकते हैं. भारत इस बीमारी का पता लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है. ICMR-NIV यानी राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे में हंता वायरस की जांच कर सकते हैं. साथ ही पूरे भारत में 165 वायरल रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैबोरेटरीज हैं जहां RT-PCR टेस्ट की सुविधा है. ये टेस्ट से पता चल जाता है कि किसी को हंता वायरस है या नहीं. AIIMS दिल्ली के डॉक्टर पुनीत मिश्रा ने कहा है कि लोगों को कोई घबराहट नहीं होनी चाहिए. ये महामारी नहीं बन सकता. ये एक पुरानी बीमारी है जो चूहों से फैलती है. सामान्य सावधानियां काफी हैं जैसे घर को साफ-सुथरा रखना, चूहों को घर में आने से रोकना, गोदामों में काम करते समय मास्क लगाना. कोरोना वायरस बिल्कुल नया वायरस था और हम नहीं जानते थे कि ये कैसे फैलता है. लेकिन हंता वायरस तो सदियों से है. हम जानते हैं कि ये कैसे फैलता है और इससे बचने का क्या तरीका है. कोरोना वायरस सांस से फैलता था, हंता वायरस चूहों से फैलता है.