ईरान के साथ जारी तनाव और संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर अब तेहरान ने जवाब दे दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जवाब पाकिस्तान के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान जल्द ही अमेरिकी प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देगा। ट्रंप ने कहा था, “मुझे उम्मीद है कि रात तक एक पत्र मिलेगा, देखते हैं आगे क्या होता है।” वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान जानबूझकर देरी कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि इसका पता जल्द ही चल जाएगा।
अमेरिका की ओर से भेजा गया प्रस्ताव एक पेज का 14 सूत्रीय ज्ञापन बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष को रोकना और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच औपचारिक बातचीत की शुरुआत करना है। प्रस्ताव के तहत ईरान परमाणु संवर्धन गतिविधियों पर रोक लगाने पर विचार कर सकता है, जबकि अमेरिका प्रतिबंधों में ढील देने और ईरान की अरबों डॉलर की फ्रीज संपत्तियां जारी करने की संभावना पर विचार कर सकता है।
इस बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि ईरान कभी भी दुश्मन के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा, “अगर बातचीत या संवाद की बात होती है, तो इसका मतलब आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हितों और अधिकारों की मजबूती से रक्षा करना है।”
हालांकि शांति वार्ता की कोशिशों के बावजूद जंग थमती नजर नहीं आ रही है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ संघर्ष लगातार जारी है और इसका असर दुनियाभर में महसूस किया जा रहा है। कुछ समय के लिए सीजफायर की घोषणा भी हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों की ओर से बयानबाजी और धमकियों का दौर अब भी जारी है।
इससे पहले पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिशें भी हुई थीं, लेकिन वे सफल नहीं हो सकीं। इसी बीच ईरान की संयुक्त सशस्त्र बल कमान के प्रमुख अली अब्दोल्लाही की सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की खबर भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में सैन्य अभियानों को आगे बढ़ाने और दुश्मनों का मजबूती से सामना करने के निर्देश दिए गए।