तमिलनाडु में ‘विजय-राज’ की शुरुआत हो चुकी है। रविवार को टीवीके प्रमुख Vijay ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और सत्ता संभालते ही अपने चुनावी वादों को अमल में लाने की शुरुआत भी कर दी। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद विजय ने ताबड़तोड़ तीन बड़े आदेशों पर हस्ताक्षर किए। इनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष सुरक्षा दल और एंटी-ड्रग्स स्क्वॉड के गठन जैसे फैसले शामिल हैं। हालांकि, यह सिर्फ शुरुआत है और विजय सरकार के वादों की सूची अभी काफी लंबी है।
चेन्नई के नेहरू इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सीएम थलपति विजय ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार राज्य पर भारी कर्ज का बोझ छोड़ गई है और सरकारी खजाना लगभग खाली हो चुका है।
दरअसल, चुनाव के दौरान भी कई आर्थिक विशेषज्ञों ने चेतावनी दी थी कि तमिलनाडु पहले से ही कर्ज के दबाव में है और विजय के चुनावी वादों का छोटा हिस्सा भी लागू करने पर राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। खासतौर पर मुफ्त बिजली और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
हालांकि, थलपति विजय ने साफ किया कि उनकी सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सड़क, पानी और दूसरी बुनियादी सुविधाएं सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेंगी। मुख्यमंत्री बनने से पहले विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली समेत कई बड़े चुनावी वादे किए थे। रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया गया था कि इन योजनाओं को लागू करने से सरकारी खजाने पर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
थलपति विजय ने अपने घोषणापत्र में कई बड़े लोकलुभावन वादे किए थे। इनमें 1.57 करोड़ महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता, 79.4 लाख किसानों को सालाना 15,000 रुपये इनकम सपोर्ट और 96 लाख कृषि श्रमिकों को 10,000 रुपये श्रम सहायता देने का ऐलान शामिल है। इसके अलावा 1.85 करोड़ परिवारों को हर साल 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और सरकारी स्कूलों के 56 लाख से ज्यादा छात्रों के अभिभावकों को 15,000 रुपये की सहायता देने का वादा भी किया गया है।
वहीं, युवाओं और बेरोजगारों के लिए भी बड़े ऐलान किए गए हैं। पार्टी ने 5 लाख युवाओं को इंटर्नशिप स्कॉलरशिप, 10 लाख लोगों को हर महीने 4,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 1.5 करोड़ परिवारों के लिए अतिरिक्त स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम देने का वादा किया है। साथ ही, 2 लाख से ज्यादा मछुआरा परिवारों को सालाना 27,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने की बात भी कही गई है।
विजय ने अपने घोषणापत्र में दो बड़े ‘सोने वाले’ वादे भी किए थे। पहला, 5 लाख रुपये से कम आय वाले परिवारों की बेटियों की शादी पर 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का ऐलान। दूसरा, हर नवजात बच्चे को सोने की अंगूठी देने का वादा।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने वादों को लागू करने की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन इन योजनाओं से सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु के 2025-26 बजट में टीवीके की प्रस्तावित कल्याणकारी योजनाओं का खर्च राज्य के कुल राजस्व का करीब 30% तक पहुंच सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विजय सरकार अपने सभी वादे बिना आर्थिक दबाव बढ़ाए पूरा कर पाएगी।