शिक्षा केवल
किताबी ज्ञान का नाम नहीं, बल्कि चरित्र
निर्माण और नेतृत्व की वह मशाल है जो
भविष्य के अंधकार को मिटाती है। इसी ध्येय
को चरितार्थ करते हुए मेरठ पब्लिक स्कूल
मेन विंग में बुधवार को ‘अलंकरण समारोह’
आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर
अनुशासन की गूंज और भावी कर्णधारों के
संकल्प से ओतप्रोत नजर आया। समारोह
का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी
मेरठ मंडल डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. उमंग
अरोड़ा (बाल रोग विशेषज्ञ), डॉ. सीमा
त्यागी, निदेशक विक्रमजीत सिंह शास्त्री
तथा कर्नल ज्ञान सिंह तोमर, डायरेक्टर
एकेडेमिक्स एंड सिस्टम्स, एमपीएस ग्रुप
द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। माँ
सरस्वती के समक्ष प्रज्जवलित इस ज्योति ने
विद्यार्थियों के मन में ज्ञान, सेवा और संस्कारों
की नई ऊर्जा का संचार किया।
अतिथियों का
स्वागत जीवन के स्पंदन स्वरूप नन्हें पौधों
को भेंट करके किया गया। विद्यालय बैंड की
ओजपूर्ण धुनों एवं गांधी, नेहरू, शास्त्री और
टैगोर सदनों के विद्यार्थियों के मार्च-पास्ट ने परे ू
वातावरण को राष्ट्रभक्ति और अनुशासन के
रंग में रंग दिया। विद्यार्थियों के सधे हुए कदमों
और आत्मविश्वास से भरे व्यक्तित्व ने सभी
अतिथियों को प्रभावित किया।
इसके पश्चात छात्र परिषद के
पदाधिकारियों को बैज एवं सैश पहनाकर
दायित्व सौंपे गए तथा शपथदिलाई गई। शपथ
ग्रहण के दौरान विद्यार्थियों ने सत्यनिष्ठा,
अनुशासन और कर्तव्य परायणता के साथ
अपने दायित्वों का निर्वहन करने का संकल्प
लिया।
‘मशाल हस्तांतरण’ की परंपरा ने
अनुभव और नई ऊर्जा के सुंदर समन्वय को
प्रदर्शित किया। विद्यालय में छात्र परिषद के
चयन हेतु बहुस्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है।
इसकी शुरुआत औपचारिक आवेदन से होती
है, जिसके बाद विद्यार्थियों को अपने विचार,
नेतृत्व क्षमता एवं दृष्टिकोण की सार्वजनिक
प्रस्तुति देनी होती है। लोकतांत्रिक चयन
प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए विद्यार्थियों
के वोट द्वारा चयनित विद्यार्थियों को उनकी
योग्यता एवं नेतृत्व क्षमता के आधार पर
विभिन्न दायित्व सौंपे जाते हैं। विद्यार्थियों
का मूल्यांकन अनुशासन, शैक्षणिक प्रदर्शन,
आत्मविश्वास, उत्तरदायित्व एवं टीमवर्क
जैसे विभिन्न मानकों पर किया जाता है।
समारोह के दौरान विद्यालय की
संस्कारमयी परंपरा की प्रतीक कुसुम शास्त्री
के नाम पर स्थापित प्रतिष्ठित “कुसुम शास्त्री
पुरस्कार” इस वर्ष कक्षा 12 के मेधावी छात्र
उदय पाराशर को प्रदान किया गया। यह
सम्मान शैक्षणिक उत्ष्टत कृ ा, नैतिक मल्यों एवं ू
बहुआयामी प्रतिभा का प्रतीक है। इसी अवसर
पर विद्यालय की वार्षिक पत्रिका ‘The Post’
का भी विमोचन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों
की रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ, उपलब्धियां
और विद्यालय की विकास यात्रा को संकलित
किया गया है। प्रधानाचार्या डॉ. अलका
श्रीवास्तव गौड़ कहा नेतृत्व केवल पद नहीं,
बल्कि उत्तरदायित्व का पर्याय है।