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बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी की जीत के बाद पीएम मोदी का संबोधन

बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी-एनडीए की जीत को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने जनता के भरोसे और सुशासन की जीत बताया। उन्होंने बंगाल के लिए “बदला नहीं, बदलाव” का संदेश देते हुए सभी दलों से राज्य को राजनीतिक हिंसा से मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। सोमवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे घोषित हुए, जिनमें बंगाल, असम और पुडुचेरी में बीजेपी-एनडीए को जीत मिली, जबकि तमिलनाडु में बड़ा उलटफेर करते हुए विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। वहीं, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने लेफ्ट गठबंधन को 10 साल बाद सत्ता से बाहर कर दिया। बंगाल और असम में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस जनादेश को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया। इस दौरान वह बंगाली धोती-कुर्ता पहने नजर आए। उन्होंने कहा कि यह परिणाम केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, सुशासन और स्थिरता की राजनीति पर मुहर है। अपने संबोधन में उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं के समर्पण, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और महिला मतदाताओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया, साथ ही विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर निशाना भी साधा।

प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल में बीजेपी की जीत को वर्षों की मेहनत, संघर्ष और संगठन की साधना का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि देशभर के कार्यकर्ताओं के चेहरे पर जो खुशी है, वह इस ऐतिहासिक उपलब्धि की गवाही देती है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जीत करोड़ों कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और त्याग का नतीजा है, खासकर बंगाल में, जहां हिंसा का सामना करने के बावजूद कार्यकर्ताओं ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का झंडा बुलंद रखा। पीएम मोदी ने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया और कहा कि उनकी आत्मा को आज शांति मिली होगी। उन्होंने बंगाल, असम और पुडुचेरी के नतीजों को “परफॉर्मेंस की राजनीति” और स्थिर सरकार पर जनता के भरोसे की जीत बताया। गंगा के प्रतीक का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गंगा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार होते हुए बंगाल तक जाती है और इन सभी राज्यों में बीजेपी-एनडीए की सरकारें हैं, जो इस राजनीतिक विस्तार का प्रतीक है।

असम में बीजेपी की लगातार तीसरी जीत को प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और चाय बागान क्षेत्रों से मिले समर्थन को जनता के गहरे विश्वास का संकेत कहा। पुडुचेरी में एनडीए की जीत पर उन्होंने कहा कि “बेस्ट पुडुचेरी” के विजन पर जनता ने फिर भरोसा जताया है और पिछले पांच वर्षों के कार्यकाल ने इस विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने केरल में बीजेपी की तीन सीटों की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में पार्टी का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लोकतंत्र भारत के लिए केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक संस्कार है। उन्होंने पांच राज्यों के चुनाव परिणामों को संविधान, संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की मजबूती का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि इन चुनावों ने दुनिया को दिखाया है कि भारत क्यों लोकतंत्र की जननी है। पश्चिम बंगाल में करीब 93 प्रतिशत मतदान को उन्होंने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह जनता के लोकतंत्र पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लोकतंत्र की सबसे सकारात्मक तस्वीर बताया। पांचों राज्यों में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। पीएम मोदी ने कहा कि इस बार बंगाल में बंदूक नहीं, लोकतंत्र की आवाज गूंजी, जो राज्य की राजनीतिक संस्कृति में बड़े बदलाव का संकेत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने “बदला नहीं, बदलाव” का संदेश देते हुए कहा कि बंगाल का यह चुनाव कई मायनों में खास रहा है। उन्होंने कहा, “पहले बंगाल चुनाव के दौरान हिंसा, डर और निर्दोष लोगों की मौतों की खबरें आती थीं, लेकिन इस बार पूरे देश ने शांतिपूर्ण मतदान देखा। पहली बार ऐसा हुआ कि चुनावी हिंसा में एक भी निर्दोष नागरिक की जान नहीं गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में बंदूक की आवाज नहीं, बल्कि जनता-जनार्दन की आवाज गूंजी।” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि बंगाल में दशकों से चली आ रही राजनीतिक हिंसा की संस्कृति को खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी जीती है, तो “बदला नहीं, बदलाव” की बात होनी चाहिए और “भय नहीं, भविष्य” पर ध्यान देना चाहिए।