स्वास्थ्य

हिमाचल प्रदेश में 11 स्थानों पर रात का पारा माइनस में, 685 सड़कें ठप

ज्यादातर स्टेशनों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5-12 डिग्री सेल्सियस क

हिमाचल प्रदेश में तीन महीने से जारी सूखे का दौर आखिरकार खत्म हो गया है। बीते दिन पहाड़ पर बर्फबारी और मैदानों में झमाझम बारिश हुई। आज भी कई भागों में माैसम खराब बना हुआ है। राजधानी शिमला सहित मनाली, डलहौजी, चायल में सीजन की पहली बर्फबारी हुई तो निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश ने खेती-बागवानी को भी राहत दी। प्रदेश के अधिकांश ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। कई जिलों में भारी बर्फबारी और बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। वहीं पिछले 24 घंटों के दौरान कई स्टेशनों पर अधिकतम व न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट आई है। ज्यादातर स्टेशनों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5-12 डिग्री सेल्सियस कम रहा। शिमला सहित 11 स्थानों पर रात का तापमान माइनस में दर्जकिया गया है। भारी बर्फबारी और बारिश के चलते प्रदेशभर में शनिवार शाम तक दो नेशनल हाईवे समेत करीब 685 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं। इनमें बड़ी संख्या ग्रामीण संपर्क सड़कों की है, जिससे दूरदराज के गांवों का जिला मुख्यालयों से संपर्क कट गया। शिमला, मनाली, किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति में बस सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। राजधानी शिमला में भी वाहनों की आवाजाही दूसरे दिन भी बाधित रही। शहर के सर्कुलर रोड पर सुबह से बसों की आवाजाही बाधित रही। शहर में दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति नहीं पहुंची। बसों की आवाजाही ठप होने के कारण लोग ठंड में ठिठुरते पैदल अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। शनिवार को भी सैकड़ों विद्यार्थी जेईई मेन के परीक्षा सेंटर नहीं पहुंच पाए। ऊपरी शिमला में बड़ी संख्या में एचआरटीसी बसें जगह-जगह फंसी हुई हैं।