राजकरण
यूपी इको टूरिज्म को लगा डिजिटल पंख, पर्यटन स्थलों की जानकारी एक क्लिक पर
उत्तर प्रदेश में इको टूरिज्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है, जिससे पर्यटकों को पर्यटन स्थलों की जानकारी एक क्लिक पर मिलेगी।
प्रकृति प्रेमियों और
रोमांचक पर्यटन के शौकीनों के लिए अच्छी
खबर है। प्रदेश के इको टूरिज्म स्थलों की
संपूर्ण जानकारी, बुकिंग सुविधाएं और
जरूरी मार्गदर्शन अब बस एक क्लिक की
दूरी पर उपलब्ध होंगे। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म
डेवलपमेंट बोर्ड (यूपीईटीडीबी) द्वारा तैयार
कराया गया ‘यूपी इको टूरिज्म’ मोबाइल ऐप
प्रदेश के वन्यजीव अभ्यारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों,
जंगल ट्रेल्स, झरनों और नदियों जैसे प्राकृतिक
आकर्षणों को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर
समेटते हुए पर्यटकों को विशेष अनुभव प्रदान
करता है। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘डिजिटल
युग की मांगों के अनुरूप विकसित ‘यूपी
इको टूरिज्म’ ऐप प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में एक
नई क्रांति का सूत्रपात है। यह पहल पर्यटकों
को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय
समुदायों की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण
को भी नई दिशा देगी। साथ ही, प्रदेश को इको-
फ्रेंडली, सतत और जिम्मेदार पर्यटन के नए
दौर में भी अग्रसर करेगी।’ हालांकि, यह ऐप
अभी शुरुआती चरण में है, जिसमें लगातार
बदलावकिए जा रहे हैं। ऐप में क्या है खास? इस
मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उपयोगकर्ता
उत्तर प्रदेश के इको-टूरिज्म स्थलों की विस्तृत
जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिनमें फोटो,
वीडियो, मार्ग विवरण, आसपास के आकर्षण,
गंतव्य तक पहुंच संबंधी जानकारी और यात्रा
के लिए उपयुक्त समय आदि शामिल है। इसमें
राष्ट्रीय उद्यान, वेटलैंड्स, नेचर ट्रेल्स, फॉरेस्ट
सर्किट, ग्रामीण पर्यटन और नदी-आधारित
गतिविधियों को आसानी से ढूंढा जा सकता
है। स्मार्ट सर्च और फिल्टर की मदद से गंतव्यों
(डेस्टिनेशन) को जिला, गतिविधियों के
प्रकार, बजट, दूरी, लोकप्रियता और रेटिंग के
आधार पर ढूंढा जा सकता है।
जीपीएस सपोर्ट स्मार्ट मैप्स और नेविगेशन
फीचर ऐप में स्वाइप-आधारित नेविगेशन
सुविधा दी गई है, जिससे उपयोगकर्ता पसंदीदा
स्थल को सेव कर सकते हैं या अगले विकल्प
को देख सकते हैं। जीपीएस-सपोर्टेड स्मार्ट मैप्स
और नेविगेशन फीचर के जरिए इको-टूरिज्म
साइट्स, ठहरने के विकल्प, गतिविधियों और
नजदीकी आकर्षण देखे जा सकते हैं। टर्नबाय-टर्न दिशा-निर्देश, आसपास के स्थानों
की जानकारी और ऑफलाइन मैप्स की सुविधा
कम नेटवर्कवाले क्षेत्रों में भी उपयोगी रहती है।