लोकसभा में
परिसीमन और महिला आरक्षण पर
शुक्रवार को जारी बहस के दौरान नेता
प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
ने केंद्र की भाजपा सरकार पर कई बड़े
आरोप लगाए। राहुल गांधी ने अपनी बहन
और वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका
गांधी वाड्रा की तारीफ करते हुए कहा कि
उन्होंने वह कर दिखाया, जो वे खुद 20
साल में नहीं कर पाए। उन्होंने एक दिन
पहले गुरुवार को लोकसभा में प्रियंका
गांधी वाड्रा के उस बयान का जिक्र किया,
जिसमें उन्होंने ‘चाणक्य’ का नाम लेकर
टिप्पणी की थी। राहुल गांधी ने प्रियंका
के संबोधन को ‘बेहद शानदार’ बताया।
लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने
एक निजी किस्सा भी साझा किया।
उन्होंने
कहा कि बचपन में उनकी दादी और पूर्व
प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनसे कहा था
कि असली ताकत छिपकर काम करती
है और इंसान को सबसे ज्यादा डर खुद
से ही होना चाहिए। उन्होंने इस बात को
मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़ते
हुए समझाने की कोशिश की।
उन्होंने एक माजाकिया अंदाज में
प्रधानमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे
और प्रधानमंत्री के बीच कोई ‘वाइफ इश्यू’
नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की
असली ताकत महिलाएं हैं और देश को
आगे बढ़ाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका
है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप
लगाते हुए कहा कि पार्टी महिलाओं के मुद्दे
के पीछेछिपकर देश के चुनावी नक्शे को
बदलने की कोशिश कररही है। महिलाओं
को आरक्षण देने की बजाय असली मुद्दों से
ध्यान भटकाया जा रहा है। सब जानते हैं
कि हमारे समाज में दलितों और ओबीसी
के साथ क्या हुआ और उनकी महिलाओं
के साथ कैसा व्यवहारकिया गया।
भाजपा
जातीय जनगणना से बचने की कोशिश कर
रही है और ओबीसी समुदाय के अधिकारों
को नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा
भारत की बदलती राजनीति से डरी हुई है
और उसे अपनी सत्ता कमजोर होती नजर
आ रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा
कि जो कुछ सरकार करने की कोशिश कर
रही है, उसके लिए संवैधानिक संशोधन
की जरूरत होगी औरविपक्ष इसे किसी भी
हालत में सफल नहीं होने देगा। यह पूरी
तरह असंवैधानिक प्रयास है और पूरा
विपक्ष इसे होने नहीं देगा। भाजपा देश की
सत्ता संरचना में ओबीसी और दलितों को
पर्याप्त जगह नहीं दे रही है। दक्षिणी और
पूर्वोत्तर राज्यों को परिसीमन से डरने की
जरूरत नहीं है, क्योंकि विपक्ष उनके
अधिकारों की रक्षा करेगा।