उत्तर प्रदेश के एटा
जिले में तैनात मुख्य विकास अधिकारी
(सीडीओ) पर कथित भ्रष्टाचार मामले
में शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई हुई है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पैसे मांगने
पर सीडीओ को तत्काल प्रभाव से
निलंबित कर दिया गया है। दरअसल,
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में
एटा के मुख्य विकास अधिकारी नागेंद्र
नारायण मिश्रा डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर
संजीव पचौरी से हर आंगनबाड़ी से
10 हजार रुपए की व्यवस्था कराने की
बात करते दिखाई दे रहे हैं। वह कह रहे
हैं, “हर आंगनबाड़ी से 10 हजार रुपये
चाहिए। आप अपने आदमी हैं पचौरी,
पैसे दिलवाइए।” डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर
ने कथित तौर पर इस मांग को मानने से
इनकार दिया।
उन्होंने पैसे के किसी भी
लेनदेन में शामिल होने से मना कर दिया।
वहीं, वायरल वीडियो सामने आने के
बाद मामला शासन तक पहुंचा गया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देश
पर सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा को
तत्काल प्रभाव से निलंबित कर मुख्यालय
से संबद्ध कर दिया गया है। नागेंद्र नारायण
मिश्रा ग्राम्य विकास सेवा (बीडीओ) से
प्रोन्नत होकर सीडीओ बने हैं।
गौरतलब है कि 2026 में कई
अधिकारी-कर्मचारी निलंबित, बर्खास्त
और गिरफ्तार हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ के निर्देश पर लोकायुक्त,
विजिलेंस और एंटी-करप्शन लगातार
कार्रवाई कर रही हैं।
पीडब्ल्यूडी,
राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य विभागों में कई
अधिशासी अभियंता, तहसीलदार,
लेखपाल, बीएसए, सीएमओ स्तर के
अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की
गई है। बागपत, फीरोजाबाद, प्रयागराज
आदि जिलों में जूनियर इंजीनियर, क्लर्क
और फार्मासिस्ट रिश्वत लेते पकड़े गए हैं।
संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय को
प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं
के आरोप सिद्ध होने पर सेवा से बर्खास्त
किया गया है। वहीं, भ्रष्टाचार और
लापरवाही के आरोप में मत्स्य विभाग
(कानपुर मंडल) उपनिदेशक सुनीता
वर्मा समेत 10 अधिकारी-कर्मचारी
मुख्यालय से संबद्ध किए गए। पुलिस
विभाग में रिश्वतखोरी के वीडियो वायरल
होने पर 11 पुलिसकर्मी निलंबित हुए हैं।