एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ नमो
भारत कॉरिडोर के आनंद विहार नमो
भारत स्टेशन पर प्रॉपर्टी डवलपमेंट े
(पीडी) फ्लोर की लाइसेंसिंग का
काम अवार्ड कर दिया है। इस लाइसेंस
के अंतर्गत स्टेशन परिसर के अंदर 30
पॉड्स की क्षमता वाले एक आधुनिक पॉड
होटल, एक फाइन डाइनिंग रेस्तरां और
अन्य यात्री-केंद्रित कमर्शियल सुविधाओं
का विकास किया जाएगा। इस क्षेत्र के
सबसे व्यस्त ट्रांजिट हब में से एक आनंद
विहार स्टेशन पर यात्री सुविधाओं को
विकसित किया जाएगा।
पॉड होटल नए ज़माने के यात्रियों की
ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन
किए जाते हैं, जो स्टेशन परिसर के अंदर
ही कम समय के लिए रहने की सुरक्षित
और किफायती जगह प्रदान करते हैं।
आनंद विहार जैसे अत्यधिक भीड़भाड़
वाले इंटरचेंज स्टेशन पर पॉड होटल, उन
यात्रियों के लिए आराम करने की जगह
का एक बहुत ज़रूरी विकल्प देगा जो
लंबी दूरी की यात्रा कर रहे हैं और जिनका
लेओवर बहुत कम है। उदाहरण के लिए,
नमो भारत ट्न से मेर रे ठ से दिल्ली की
यात्रा कर रहा यात्री जिसे आनंद विहार
रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेन पकड़नी
है, होटल के लिए बाहर जाने के बजाय
स्टेशन परिसर में ही थोड़ा आराम कर
सकता है। इससे न सिर्फ़ उनकी समय
और मेहनत बचती है, बल्कि यह एक
सुविधाजनक और किफायती विकल्प भी
है, ख़ासकर उन यात्रियों के लिए जिनके
पास ले-ओवर का समय कम होता है।
इस परियोजना के तहत, लगभग
4,000 वर्ग मीटर से अधिक का एक
संभावित प्रॉपर्टी डेवलेपमेंट क्षेत्र लाइसेंस
पर दिया गया है, जो स्टेशन के अलगअलग लेवल पर चार जगहों पर बाँटा
गया है।
इससे यात्रियों की आवाजाही वाले
क्षेत्रों में हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल
सुविधाओं को एकीकृत किया जा सकेगा।
पॉड होटल के अलावा, यहाँ एक फाइन
डाइनिंग रेस्तरां विकसित करने की
भी योजना है। साथ ही अन्य प्रस्तावित
कमर्शियल सुविधाएँ जैसे फूड एंड बेवरेज
(एफएंडबी) रिटेल आउटलेट, ऑफिस
स्पेस, कपड़ों के शोरूम तथा ऐसी अन्य
सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिनसे
यात्रा अनुभव और बेहतर होगा।
आनंद विहार नमो भारत स्टेशन
एनसीआर के सबसे व्यस्त मल्टी-मॉडल
ट्रांजिट हब में से एक है, जो दिल्ली मेट्रो
की पिंक और ब्लू मेट्रो लाइन, आनंद
विहार रेलवे स्टेशन और दो अंतर्राज्यीय
बस टर्मिनलों (एक दिल्ली की तरफ
और दूसरा उत्तर प्रदेश के कौशांबी में)
से निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
आनंदविहार स्थित भारतीय रेलवे स्टेशन
पूर्वी भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों के
लिए एक मुख्य गेटवे है, जिसके कारण
यहाँ रोज़ाना यात्रियों की बहुत ज़्यादा
आवाजाही होती है।
पॉड होटल जैसी सुविधाओं से कई
बार परिवहन साधन बदलने वाले और
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों
को अत्यधिक सुविधा होगी।
यह पहल,
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर की
कमर्शियल क्षमता का लाभ उठाने की
एनसीआरटीसी की व्यापक योजना का
एक हिस्सा है, जिसके माध्यम से नॉनफेयर बॉक्स रेवेन्यू (एनएफबीआर) को
बढ़ाया जा सकेगा।
82 किमी लंबा दिल्ली-मेरठ नमो
भारत कॉरिडोर, दिल्ली, गाज़ियाबाद
और मेरठ के घनी आबादी वाले शहरी
केंद्रों से होकर गुज़रता है। इस परियोजना
में मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन पर विशेष ज़ोर
दिया गया है, जहाँ आनंद विहार और
सराय काले खाँ जैसे स्टेशन, नमो भारत,
मेट्रो, रेलवे, आईएसबीटी और सिटी बस
सेवाओं के बीच आसान ट्रांसफर की
सुविधा प्रदान करते हैं।
परिचालन आरंभ होने के बाद से,
दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर में
यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी
देखी जा रही है और मात्र दो वर्षों के
भीतर नमो भारत ने अब तक 2 करोड़
से ज़्यादा कम्यूटर ट्रिप्स पूरी कर ली हैं।
वर्तमान में, 11 स्टेशनों के साथ कॉरिडोर
का 55 किमी का सेक्शन परिचालित है,
जबकि शेष खंड, जिसमें सराय काले
खाँ से न्यू अशोक नगर तथा मेरठ साउथ
से मोदीपुरम के खंड शामिल हैं, जल्द
ही जनता के लिए खोल दिए जाएंगे।
वर्तमान में, कॉरिडोर पर रोज़ाना औसतन
55,000-60,000 यात्री सफर कर रहे
हैं, जिसमें पूरे कॉरिडोर के परिचालित होने
के बाद बड़ी संख्या में बढ़ोतरी अनुमानित
है।