योगी कैबिनेट के नए मंत्रियों को बांटे गए विभाग
10 मई को हुए योगी कैबिनेट विस्तार के सात दिन बाद आखिरकार नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा हो गया। इस दौरान फाइलें दिल्ली और लखनऊ के बीच घूमती रहीं, जिससे प्रक्रिया में देरी देखने को मिली। अब सभी नए मंत्रियों को उनके पोर्टफोलियो सौंप दिए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के पास पहले से मौजूद प्रमुख विभागों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उनके विभाग यथावत रहेंगे।
वहीं, Bhupendra Chaudhary को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग और Manoj Pandey को खाद्य, रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों कैबिनेट मंत्री हैं। Ajit Pal Singh को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। Somendra Tomar को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग का प्रभार सौंपा गया है। दोनों अपने-अपने विभागों में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) होंगे।
Krishna Paswan को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। Kailash Singh Rajput को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग का प्रभार दिया गया है। Surendra Diler को राजस्व विभाग तथा Hansraj Vishwakarma को लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग विभाग में जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये चारों अपने-अपने विभागों में राज्य मंत्री होंगे।
इससे पहले Bhupendra Chaudhary को गृह विभाग के बाद सबसे अहम माने जाने वाले पीडब्ल्यूडी विभाग के मिलने की चर्चा थी, लेकिन उन्हें एमएसएमई विभाग दिया गया। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार में सपा से आए Manoj Pandey को खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति जैसा बड़ा विभाग मिला। हालांकि एमएसएमई विभाग भी जनता से सीधे जुड़ा होने के कारण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके तहत मुख्यमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, UPSIC और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना जैसी कई प्रमुख योजनाएं संचालित होती हैं, जिन पर सीधे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की नजर रहती है।
पहले एमएसएमई विभाग मंत्री Rajeev Sachan के पास था, लेकिन अब उनके पास केवल खादी एवं रेशम उद्योग विभाग ही बचा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस मंत्रिमंडल विस्तार से उनका राजनीतिक कद कुछ कम हुआ है। दूसरी ओर, Manoj Pandey को खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति जैसा राज्य के सबसे बड़े विभागों में से एक सौंपा गया है, जो सीधे जनता के हितों से जुड़ा हुआ है। ब्राह्मण चेहरे के तौर पर मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मनोज पांडे का राजनीतिक कद इस विस्तार के बाद काफी बढ़ा माना जा रहा है।
खाद्य रसद एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पहले वाराणसी के Dayalu Mishra के पास था, लेकिन अब यह विभाग उनसे लेकर Manoj Pandey को सौंप दिया गया है। इसके बाद दयालु मिश्र के पास केवल आयुष विभाग रह गया है। इससे यह भी साफ हो गया कि बड़े विभागों को मुख्यमंत्री से सीधे लिए जाने की चर्चाएं महज अटकलें थीं। उल्टे कई मंत्रियों के महत्वपूर्ण विभागों में कटौती की गई। Rajeev Sachan और Dayalu Mishra के अहम विभाग घटाकर उन्हें Bhupendra Chaudhary और Manoj Pandey के बीच पुनर्वितरित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने विभागों के बंटवारे में एक सप्ताह से अधिक समय लिया। 10 मई को दो कैबिनेट मंत्री, दो स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और चार राज्य मंत्रियों ने शपथ ली थी, जबकि 17 मई को उनके विभागों का आवंटन किया गया।
विभागों के बंटवारे से पहले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की Amit Shah और J. P. Nadda से मुलाकात भी चर्चा में रही। इसके बाद यह कयास लगाए जा रहे थे कि मंत्रियों के चयन के साथ-साथ विभागों का फैसला भी दिल्ली स्तर पर हुआ है, लेकिन विभागों के आवंटन के बाद स्पष्ट हो गया कि निर्णय पूरी तरह मुख्यमंत्री स्तर पर ही लिया गया।
मंत्रिमंडल में गुर्जर चेहरे के तौर पर शामिल Somendra Tomar को राज्य मंत्री से स्वतंत्र प्रभार मंत्री बनाया गया। हालांकि राज्य मंत्री रहते उनके पास ऊर्जा जैसा महत्वपूर्ण विभाग था, लेकिन स्वतंत्र प्रभार मिलने के बाद उन्हें राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल जैसे विभाग दिए गए।
कुल मिलाकर इस विभागीय बंटवारे के बाद कुछ बड़े चेहरों को झटका लगा है, जबकि कुछ नेताओं के लिए यह अवसर के रूप में सामने आया है। साथ ही, विभागों के आवंटन से यह भी स्पष्ट हुआ कि मुख्यमंत्री Yogi Adityanath किसी दबाव में नहीं हैं और निर्णय पूरी तरह उनके नियंत्रण में लिए गए हैं।
मौजूदा मंत्रिमंडल में 22 सवर्ण, 25 ओबीसी और 10 दलित मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा एक आदिवासी, एक मुस्लिम और एक सिख मंत्री भी मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत कुल 60 मंत्री हो सकते हैं। अब तीसरे और अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार के बाद योगी सरकार के सभी 60 मंत्री पद भर चुके हैं।