नोएडा में चल रहे
श्रमिकों के प्रदर्शन और आंदोलन के
बीच अब एक नया मोड़ सामने आया है।
जहां नोएडा की साइबर थाना पुलिस ने
14 अप्रैल को सोशल मीडिया के अनेक
प्लेटफॉर्म पर गलत और भड़काऊ
वीडियो डालने के मामले में प्रियंका भारती
और डॉ. कंचन यादव समेत कई लोगों
पर एफआईआर दर्ज की है। पुलिस की
जांच में सामने आया है कि आरोपियों
ने 11 अप्रैल 2026 के मध्य प्रदेश के
शहडोल जिले के एक पुराने वीडियो को
नोएडा का बताकर साझा किया, जिसमें
पुलिस को एक व्यक्ति के साथ मारपीट
करते दिखाया गया था।
इसके अतिरिक्त,
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स
पर सेक्टर-62 में आगजनी का झूठा
वीडियो फैलाया। इस सुनियोजित
साजिश का मकसद नोएडा के नागरिकों
में प्रशासन के प्रति अविश्वास और भय
पैदा करना था। वहीं पुलिस के अनुसार,
जांच में भ्रामक जानकारी फैलाने के
मामले में राजनीतिक एंगल भी सामने
आया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद)
के दो राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका भारती और
डॉ. कंचन यादव के खिलाफ भी नोएडा
पुलिस ने मुकदमा दर्जकिया है। आरोप
है कि उन्होंने गलत वीडियो को नोएडा
का बताकर शेयर किया, जिससे अलगअलग इलाकों में भय व अविश्वास का
माहौल बना।
पुलिस अधिकारियों का कहना है
कि इस पोस्ट में सुनियोजित तरीके से
भड़काऊ और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर
पुलिस की छवि को धूमिल करने और
कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने
की कोशिश की गई थी।
इस मामले में
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा
353(1)(बी) और आईटी एक्ट की
धारा 66 व 66डी के तहत सख्त कार्रवाई
की जा रही है। वहीं, इससे पहले पुलिस
के पास प्रदर्शन को लेकर आई चैट में यह
भी कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों
पर सुनवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल
जारी रखी जाए। लाठीचार्ज के बाद भी
दोबारा इकट्ठा होने की अपील वाले
ऑडियो ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा
दी है। पुलिस-प्रशासन इस पूरे मामले को
गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गया है।
वायरल ऑडियो और चैट की सत्यता
की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी
पता लगाया जा रहा है कि इन संदेशों को
फैलाने के पीछे कौन लोग हैं और उनका
मकसद क्या है।
अधिकारियों का कहना
है कि अगर किसी भी व्यक्ति की भूमिका
भड़काऊ गतिविधियों में पाई जाती है, तो
उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई
की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने श्रमिकों
से शांति बनाए रखने और किसी भी
अफवाह या भड़काऊ संदेश पर ध्यान न
देने की अपील की है। प्रशासन का कहना
है कि सभी समस्याओं का समाधान
बातचीत के जरिए निकाला जाएगा,
इसलिए कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की
कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा
जाएगा। नोएडा में मौजूदा हालात को
देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई
है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त
पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि
किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।