केरल में कई
दिनों की राजनीतिक हलचल, बैठकों और
अंदरूनी खींचतान के बाद आखिरकार
कांग्रेस ने बड़ा फैसला ले लिया है। कांग्रेस
नेतृत्व ने वीडी सतीशन को केरल का नया
मुख्यमंत्री चुन लिया है। इसके साथ ही
राज्य की राजनीति में नई पीढ़ी के नेतृत्व
की शुरुआत मानी जा रही है। दिल्ली में
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं दीपादास मुंशी,
मुकुल वासनिक और अजय माकन
ने उनके नाम का आधिकारिक एलान
किया।
कांग्रेस नेताओं की तरफ से प्रेस
वार्ता में बताया गया कि वीडी सतीशन
राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे। केरल में
विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को
वोट डाले गए थे और 4 मई को नतीजे
घोषित किया गया। विधानसभा चुनाव के
नतीजे घोषित होने के 10 दिन बाद कांग्रेस
ने मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की है।
नाम के ऐलान होने का बाद सतीशन
ने कहा- मैं इस पद को निजी उपलब्धि
नहीं बल्कि दैवीय कृपा मानता हूं। मैं
वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला समेत सभी
नेताओं को अपने विश्वास में लूंगा।
सीएम के लिए 3 नेताओं का नाम था,
सतीशन चुने गए
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में वीडी
सतीशन, केसी वेणुगोपाल और रमेश
चेन्निथला का नाम चल रहा था।
रिजल्ट
के बाद केरलम कांग्रेस अलग-अलग
गुटों में बंटी रही। एक धड़ा सतीशन
के समर्थन में था, जिन्हें नई पीढ़ी और
आक्रामक विपक्षी चेहरा माना जाता है।
दूसरा धड़ा वेणुगोपाल और
चेन्निथला के पक्ष में था। दावा किया जा
रहा था कि ज्यादातर विधायक वेणुगोपाल
के समर्थन में थे।
वेणुगोपाल को केंद्रीय
नेतृत्व का करीबी नेता माना जाता है,
जबकि सतीशन का मजबूत जनाधार था।
वेणुगोपाल को सीएम न बनाने के लिए
पोस्टर भी लगाए गए थे।
कांग्रेस समर्थकों ने सतीशन के सीएम
बनाने के समर्थन में वायनाड में पोस्टर
लगाए गए थे। इनमें लिखा था- राहुल और
प्रियंका वायनाड को भूल जाओ, यहां फिर
नहीं जीतोगे। वायनाड अगला अमेठी
होगा।
समर्थकों ने हाईकमान को चेताया
है कि केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री
बनाया, तो ठीक नहीं होगा।
कोच्चि जिले से आने वाले सतीशन
इसी महीने 62 साल के होने वाले हैं। पेशे
से वकील रहे सतीशन ने साल 2001 में
पहली बार परवूर सीट से विधानसभा
चुनाव जीतकर राजनीति में मजबूत
पहचान बनाई थी।