उत्तर प्रदेश के
कानपुर में हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी
हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते
हुए आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार
कर लिया है। तंबाकू कारोबारी केके
मिश्रा के बेटे शिवम पर आरोप है कि
उसने तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी कार से
ऑटो और बुलेट सवारों को टक्कर
मार दी थी, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने उसे गुरुवार को कानपुर
से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव
ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पांच पुलिस टीमें गठित की गई थीं।
सूचना मिली थी कि शिवम मिश्रा कानपुर में मौजूद है।
इसके बाद टीमें सक्रिय
हुईं और उसे हिरासत में लेकर अदालत में प्रस्तुत किया गया। वहां कानपुर के
हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसे के मुख्य आरोपी शिवम मिश्रा को बुधवार को
अदालत से बड़ी राहत मिल गई। वकीलों की हड़ताल और अदालती कामकाज
के बहिष्कार के बीच हुई विशेष सुनवाई में कोर्ट ने न केवल शिवम की जमानत
मंजूर की, बल्कि पुलिस द्वारा मांगी गई रिमांड अर्जी को भी सिरे से खारिज कर
दिया। बुधवार को कानपुर कचहरी में वकीलों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते
माहौल तनावपूर्ण था, लेकिन शिवम मिश्रा के मामले में कानूनी प्रक्रिया नहीं रुकी।
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी, जिसे अदालत ने
आधारहीन मानते हुए अस्वीकार कर दिया।
गौरतलब है कि रविवार दोपहर ग्वालटोली क्षेत्र स्थित वीआईपी रोड पर
लैंबॉर्गिनी कार तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर पहले ऑटो और बुलेट से टकराई,
फिर फुटपाथ पर चढ़ गई। हादसे में वाहन सवारों समेत कई लोग घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने कार को घेर
लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लैंबॉर्गिनी के पीछे चल रही एक अन्य कार से
आए सुरक्षाकर्मियों ने चालक को निकालने का प्रयास किया, जिससे मौके पर
मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया। इस दौरान कार का शीशा तोड़कर चालक को
बाहर निकाला गया और निजी अस्पताल पहुंचाया गया। चालक की ओर से दौरा
पड़ने के कारण हादसा होने का दावा किया गया था, हालांकि पुलिस जांच में पाया
गया है कि घटना के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।