देश की शान
स्वामी विवेकानंद जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत : कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, राष्ट्रसेवा और सकारात्मक सोच की प्रेरणा देता है।
चौ. चरण
सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में सोमवार को
स्वामी विवेकानंद जी जयंती के अवसर पर
विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार स्थित स्वामी
विवेकानंद जी की प्रतिमा पर कुलपति प्रोफेसर
संगीता शुक्ला जी ने पुष्पार्चन कर उन्हें नमन
किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. संगीता
शुक्ला ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का
जीवन, विचार और दर्शन आज भी युवाओं
के लिए मार्गदर्शक प्रकाश स्तंभ है। स्वामी
विवेकानंद जी ने न केवल भारत की सांस्कृतिक
और आध्यात्मिक चेतना को विश्वपटल पर
स्थापित किया, बल्कि आत्मविश्वास, कर्मठता
और राष्ट्रसेवा का संदेश देकर एक सशक्त
भारत की नींव रखी। कुलपति ने कहा कि स्वामी
विवेकानंद जी का मानना था कि शिक्षा केवल
पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए,
बल्कि वह व्यक्ति के चरित्र निर्माण, आत्मबल
और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का विकास
करे। “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक मत
रुको” का उनका संदेश आज के युवाओं को
आत्मनिर्भर, साहसी और सकारात्मक सोच
वाला नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अनिल
कुमार यादव, परीक्षा नियंत्रक वीरेंद्र कुमार मौर्य,
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रोफेसर भूपेंद्र सिंह,
प्रोफेसर विग्नेश कुमार, साहित्यिक सांस्कृतिक
परिषद के समन्वयक प्रोफेसर कृष्णकांत शर्मा,
प्रोफेसर आराधना गुप्ता, प्रोफेसर अजय विजय
कौर, प्रोफेसर जमाल अहमद सिद्दीकी, प्रोफेसर
रमाकांत, डॉ. वैशाली पाटील, डॉ. धर्मेंद्र कुमार,
डॉ. कुलदीप त्यागी, डॉ. योगेश मोरल, मीडिया
सेल सदस्यमितेंद्र कुमार गुप्ता, इंजीनियर प्रवीण
पवार, इंजीनियर मनोज कुमार, डी.पी. सिंह,
मनी सिंह, अमित कुमार, सहदेव कुमार, शिवम्
त्यागी, दीपक त्यागी उपस्थित रहे।