काव्य

विपक्ष चाहता है हिंदुओं को विभाजित करके भारत को गुलामी की तरफ धकेला जाए : आचार्य प्रमोद कृष्णम

पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भारत में घटती हिंदुओं की आबादी को लकर विपक्षी दलों को जमकर खरी-खरी सुनाई।

पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भारत में घटती हिंदुओं की आबादी को लकर विपक्षी दलों को जमकर खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ यही चाहता है कि हिंदुओं को विभाजित किया जाए और भारत को फिर गुलामी की तरफ धकेला जाए। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आईएएनएस के भारत में घटती हिंदुओं की आबादी को लेकर सवाल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि आजादी के बाद से देश में बेरोजगारी और महंगाई हमेशा से मुद्दा रहा है। इस पर बात भी होती रहती है। लेकिन, क्या भारत का स्वाभिमान और गौरव मुद्दा नहीं है, भारत का अस्तित्व और अस्मिता मुद्दा नहीं है? जहां तक हिंदू और मुसलमानों का सवाल है। इतिहास गवाह है कि भारत के अंदर अगर हिंदुओं में एकता होती, हिंदू एक होता, तो, देश में 800 साल तक मुगलों की हुकूमत नहीं होती। इस देश पर अफगान, मुगल राज नहीं कर पाते।

विपक्ष पर बरसते हुए उन्होंने आगे कहा कि हिंदुओं में जो फूट थी, उसी का फायदा उठाकर मुगलों ने राज किया। विपक्ष चाहता है कि हिंदुस्तान एक बार फिर गुलाम बन जाए। इसलिए, वो कहते हैं कि भारत का स्वाभिमान, अस्मिता और गौरव बेकार की बातें हैं। यह महाराणा प्रताप का देश है, आज उनकी जयंती है। उन्होंने घास की रोटी खाना पसंद की। लेकिन, अकबर के सामने सिर झुकाना पसंद नहीं किया। यह देश छत्रपति शिवाजी महाराज का है, उन्होंने देश के लिए सबकुछ न्योछावर कर दिया। लेकिन, औरंगजेब के सामने सजदा नहीं किया।

गुरु गोबिंद सिंह के बच्चों को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया। लेकिन, उन्होंने सनातन पर समझौता नहीं किया। तो, क्या सनातन, भारत का गौरव और स्वाभिमान मुद्दा नहीं है। विपक्ष सिर्फ यही चाहता है किहिंदुओं को विभाजित किया जाए और भारत को फिर गुलामी की तरफ धकेल दिया जाए। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक सलाहकार परिषद द्वारा जारी एक अध्ययन रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में साल 1950 स 2015 के बीच े हिंदुओं की आबादी 7.82 प्रतिशत कम हो गई है। जबकि, इन्हीं वर्षों के दौरान देश में मुस्लिमों की आबादी में 43.15 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।