काव्य

रंगों से रचा समाज का स्वरूप, कला बनी जनजागरूकता का माध्यम

कलाकारों ने अपनी रचनाओं के जरिए समाज को दिया जागरूकता का संदेश

 विश्व कला दिवस के अवसर पर ललित कला संस्थान चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय द्वारा विश्व कला दिवस 2026 की थीम- “अभिव्यक्ति का उद्यान, कल के माध्यम से समुदाय का पोषण” पर “चित्र प्रदर्शनी एवं कलाकार सम्मान समारोह” का भव्य आयोजन किया गया। उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरि कृष्ण कार्यवाहक कुलपति चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय एवं अतिशेष अतिथि प्रोफेसर बीरबल सिंह प्रोफेसर जे.ए. सिद्दीकी तथा कार्यक्रम की संयोजिका प्रोफेसर अलका तिवारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया।

मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरे कृष्णा ने कहा कला समाज में संप्रेषण का सशक्त माध्यम है कला के माध्यम से समुदाय का पोषण अर्थात समुदाय को जालंत सामाजिक मुद्दों पर जागरूक करने का कार्य ललित कला संस्थान के शिक्षक व विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे हैं। विश्व कला दिवस के अवसर पर समस्त पृथ्वी को एक परिवार के रूप में तथा समस्त समुदाय को पृथ्वी को सुरक्षित रखना के लिए बहुत ही सुंदर संदेश कला विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा हस्त निर्मित चित्र बनाकर दिया गया। जो अत्यंत सराहनीय है।

संस्थान की समन्वयक एवं कार्यक्रम संयोग का प्रोफेसर अलका तिवारी ने इस अवसर जिला प्रशासन मेरठ से मेरठ में कल विधि का निर्मित करने का निवेदन किया उन्होंने कहा कि मेरठ में एक से एक बढ़कर कलाकार हैं विशेष रूप से युवा कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए मेरठ में एक कल दीरघा का होना अत्यंत आवश्यक है ताकि हमारे युवा अपनी कलाओं का प्रदर्शन कर सके। प्रोफेसर अलका तिवारी सामान्य ललित कला संस्थान, डॉ पूर्णिमा वशिष्ठ डॉ शालिनी धाम डॉक्टर रिता सिंह सुश्री दीपांजलि सुश्री कृतिका तथा मोहम्मद खालिद को वरिष्ठ कलाकार के रूप में माननीय माननीय कुलपति महोदय प्रोफेसर हरे कृष्ण एवं अन्य अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।