भक्ति
माघ मेला प्रयागराज में मकर संक्रांति पर उमड़ा आस्था का सैलाब, 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु करेंगे संगम स्नान
मकर संक्रांति पर माघ मेला प्रयागराज में आस्था का जनसैलाब उमड़ा है, जहां 2 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान करने का अनुमान है।
प्रयागराज में माघ मेला
इस बार भी अपने रंग में रंगा हुआ है। मकर
संक्रांति और षटतिला एकादशी के शुभ संयोग
की वजह से संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा
हुआ है। बुधवार सुबह 8 बजे तक ही करीब 15
लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर आस्था
का अनुभव लिया। इस दौरान युवाओं से लेकर
बुजुर्गों तक हर कोई संगम में डुबकी लगाता
हुआ नजर आया। इस कड़ाके की ठंड में संगम
तट पर श्रद्धालुओं की संख्या देखकर साफ
अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये सिर्फ स्नान
का अवसर नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक
विरासत और सनातन परंपरा का जश्न भी है।
वहीं, इस बार मकर संक्रांति स्नान पर्व पर
अनुमान है कि 2 करोड़ से ज्यादा लोग संगम
में डुबकी लगाएंगे। ऐसे में सुरक्षा-व्यवस्था भी
बहुत सख्त है। पुलिस और सुरक्षा बल हर जगह
तैनात हैं। मेला प्रशासन ने 13 जनवरी से ही
चार पहिया वाहनों की एंट्री बैन कर दी है, ताकि
जगह-जगह भीड़ नियंत्रण में रहे।
पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कमार ने बताया ु
कि संगम तट पर घुड़सवार पुलिस, फुट
पेट्रोलिंग, जल पुलिस और आरएएफ जवान
पूरे एहतियात के साथ काम कर रहे हैं। साथ
ही बाडराज कंपनी भी लगी हुई है, ताकि कोई
अप्रिय घटना न हो। उन्होंने बताया कि भीड़
को सुगमता से संगम तक लाने और वहां से
वापस उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए विशेष
डायवर्जन प्लान बनाया गया है। कमिश्नर ने
कहा कि अभी भीड़ अच्छी है और सभी लोग
सुरक्षित हैं। हालांकि यदि भविष्य में भीड़ और
बढ़ती है, तो आपातकालीन योजनाएं तैयार हैं।
एआई कैमरों के जरिए भीड़ की लगातार मॉनिटर
की जा रही है और उसी के आधार पर प्रशासन
आवश्यक कदम उठा रहा है।
गौरतलब है कि 23 साल बाद मकर संक्रांति
पर एकादशी का दुर्लभ संयोग बना है, जिस
वजह से इस दिन स्नान का महत्व कई गुना बढ़
गया है। इस मौके पर लोग सिर्फ प्रयागराज ही
नहीं, बल्कि वाराणसी, अयोध्या और मथुरा
जैसे धार्मिक शहरों से भी अपने-अपने घाटों
पर पहुंच रहे हैं। हर जगह श्रद्धालुओं का हुजूम
आस्था की गूंज और भक्तिभाव का प्रतीक
बनता दिख रहा है।